Sunday, October 24, 2021

चटपटा भी कुरकुरा भी

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मानस मनोहर
बरसात में पकौड़े और चटपटे-कुरकुरे व्यंजन खाने का मजा ही अलग होता है। देश के हर हिस्से में कुछ पकौड़े लगभग एक तरह से बनते हैं, जैसे प्याज के पकौड़े। मगर कुछ पकौड़े अपने इलाकों की पहचान होते हैं, जैसे महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में बनने वाले पकौड़े आमतौर पर उत्तर भारत में नहीं बनते। इस बार कुछ ऐसे व्यंजन, जो हर किसी को पसंद आएंगे।

साबूदाना वड़ा
बूदाना दक्षिण में उगाए जाने वाले एक कंद से बनता है। मगर खाया पूरे देश में जाता है। खासकर बीमार लोगों या जिनका पाचनतंत्र कमजोर हो, उन्हें इसके व्यंजन इसलिए दिए जाते हैं कि यह बहुत सुपाच्य और पेट के लिए गुणकारी होता है। साबूदाने के पकौड़े खाने में थोड़े सख्त और कुरकुरे होते हैं, इसलिए बरसात में इन्हें खाने का मजा ही अलग होता है। साबूदाने के पकौड़े बनाना बहुत आसान है। जैसे आम पकौड़े बनाते हैं, उसी तरह इसके भी पकौड़े बनते हैं। मगर इसके लिए तीन-चार घंटे पहले तैयारी करनी पड़ती है। इसे बनाने के लिए डेढ़ कटोरी साबूदाना, दो बड़े या तीन मध्यम आकार के उबले आलू, तीन-चार हरी मिर्च, एक छोटा बारीक कटा प्याज, धनिया पत्ता, नमक, लाल मिर्च पाउडर और थोड़े गरम मसाले की जरूरत पड़ती है। अगर चाट मसाला है, तो उसे डालने से पकौड़े का स्वाद और बढ़ जाता है।

पहले साबूदाने को अच्छी तरह धो लें। उसमें से आधा कटोरी साबूदाने को अलग रख लें। बाकी साबूदाने को पानी में भिगो कर तीन-चार घंटे के लिए रख दें। साबूदाने को भिगोते समय हमेशा ध्यान रखें कि उसमें उतना ही पानी डालें, जिससे कि वह तर हो जाए। यानी जैसे ही पानी साबूदाने की सतह पर पहुंचे, तो पानी डालना बंद कर दें। तीन-चार घंटे में इतना पानी साबूदाना सोख लेता है और नरम तथा सूखा भी रहता है। ज्यादा पानी डालने से साबूदाना गीली-गीला रहेगा।
आधा कटोरी अलग रखे साबूदाने को मिक्सर में डाल कर दरदरा पीस लें। अब एक कटोरे में उबले आलू को अच्छी तरह मसल या फिर मोटे कद्दूकस पर घिस लें। उसमें पिसा हुआ और भिगोया हुआ साबूदाना, कटी हरी मिर्च, धनिया पत्ता, प्याज और स्वाद के अनुसार नमक डालें। आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर और इतनी ही मात्रा में गरम मसाला भी डालें। अगर चाट मसाला डालना चाहते हैं, तो आधा चम्मच वह भी डाल सकते हैं।

अब सारी चीजों को अच्छी तरह मसलते हुए मिलाएं और थोड़ी देर के लिए रख दें। एक कड़ाही में पकौड़े तलने के लिए तेल गरम करें। तेल गरम हो जाए, तो आंच को मध्यम कर दें। ध्यान रखें कि आंच न तो तेज हो और न धीमी। पकौड़े के लिए तैयार मिश्रण में से छोटे-छोटे टुकड़े लेकर उन्हें कटलेट की तरह चपटा आकार दें और गरम तेल में डालते जाएं। पकौड़े ज्यादा मोटे और भारी न बनाएं। दोनों तरफ से पलट कर इन्हें बादामी रंग आने तक सेंक लें। हरी या लाल चटनी, जिसके भी साथ पसंद हो, गरमा-गरम परोसें।

पात्रा/पातरी
ह इस मौसम में खाया जाने वाला विशेष व्यंजन है। इसे अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। कहीं इसे पात्रा, कहीं पातरी, कहीं पतोड़े, तो कहीं गिरवछ और रिकवछ कहा जाता है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल में यह काफी लोकप्रिय व्यंजन है। इसे अरबी के पत्तों से बनाया जाता है। इस मौसम में अरबी के पत्ते कच्चे और अच्छे मिलते हैं।

इसे बनाने के लिए थोड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। मगर ज्यादा नहीं। पात्रा बनाने के लिए नरम और चौड़े अरबी के पत्ते लें। उन्हें अच्छी तरह धोकर पोंछ लें। फिर एक कटोरे में दो कटोरी बेसन लें, आधा छोटा चम्मच कुटी लाल मिर्च, एक चम्मच गरम मसाला, चौथाई चम्मच हल्दी, चुटकी भर हींग और जरूरत भर नमक डालें। पात्रा में खटाई अवश्य डाली जाती है, क्योंकि अरबी के पत्ते में भी अरबी की तरह गले में खुजली पैदा करने वाला तत्व होता है। वह खटाई से ही दूर होता है। इसलिए बेसन में एक चम्मच खटाई और एक नीबू का रस अवश्य डालें। फिर थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए गाढ़ा घोल तैयार करें। गाढ़ा इसलिए कि इसे पत्तों के ऊपर लगाना है।

घोल पतला होगा, तो बह जाएगा। पहले एक पत्ते के पिछली तरफ यानी जिस तरफ डंठल और रेशे दिखाई देते हैं, उधर लगाएं, फिर उसके ऊपर एक पत्ता चिपकाएं और फिर उसके ऊपर बेसन लगाएं। इस तरह कम से कम तीन पत्तों की परत बनाएं। फिर उसे गोल-गोल बेलनाकार लपेटें। इन बेसन लगे पत्तों को भाप में पकाना होता है। इन्हें स्टीमर, इडली कुकर या फिर किसी भगोने में कटोरे के ऊपर जालीदार बर्तन रख कर भाप से पका सकते हैं। मध्यम आंच पर इन्हें पकने में पंद्रह से बीस मिनट लगते हैं।

जब ये पक जाएं तो बाहर निकाल कर ठंडा होने दें। चाहें तो कुछ देर के लिए फ्रिजर में भी रख सकते हैं। फिर इन्हें गोलाकार टुकड़ों में काट लें। अब इसे कई तरह से खाया जा सकता है। कुछ लोग इसे ढोकला की तरह ऊपर से तड़का लगा कर और नीबू का रस निचोड़ कर खाते हैं, तो कुछ लोग पकौड़े की तरह तल कर।

कुछ लोग हल्के तेल के साथ तवे पर तल लेते हैं। कुछ लोग इसे तल कर तरी में डुबो कर रसेदार सब्जी की तरह भी खाते हैं। आप तो इसका आनंद चाय के साथ लीजिए। इसके लिए इसके कटे हुए टुकड़ों को एक फ्राइंग पैन में एक चम्मच सरसों तेल चुपड़ कर कटलेट की तरह सुनहरा होने तक सेंक लें और ऊपर से चाट मसाला छिड़क कर खाएं।







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