Thursday, October 21, 2021

जब धीरूभाई अंबानी ने दोनों बेटों को कर दिया था गैरेज में बंद

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दुनिया के टॉप 10 उद्योगपतियों में शुमार मुकेश अंबानी और उनका परिवार अक्सर सुर्खियों में रहता है। हालांकि, आज दुनिया के अरबपतियों में शामिल मुकेश अंबानी बचपन में काफी शरारती हुआ करते थे। इस बात का खुलासा उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान किया था। मुकेश अंबानी ने अपने पिता धीरूभाई अंबानी को याद करते हुए बताया था कि एक गलती के बाद पिता ने गुस्सा में दोनों भाइयों यानी मुकेश और अनिल अंबानी को दो दिन के लिए गैरेज में बंद कर दिया था।

धीरूभाई अनुशासन को लेकर काफी सख्त थे। वहीं, बचपन में मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी बेहद ही शरारती हुआ करते थे। एंकर सिमी ग्रेवाल के लोकप्रिय कार्यक्रम Rendezvous With Simi Garewal में मुकेश अंबानी अपने पिता को याद करते हुए भावुक हो जाते हैं। पिता को लेकर मुकेश कहते हैं कि उन्होंने पिता से सीखा है कि जिंदगी में सफलता पाने के लिए इंसान में विनम्रता का गुण होना बेहद आवश्यक है।

इस दौरान मुकेश अंबानी अपने बचपन का किस्सा याद करते हुए धीरूभाई अंबानी को लेकर बताते हैं कि वह अनुशासन को लेकर काफी सख्त थे। बिजनेसमैन बताते हैं, “एक शाम हमारे घर में कुछ मेहमान आए, उस समय मेरी उम्र लगभग 10-11 साल थी, वहीं, अनिल 9 साल के थे। हम दोनों ने शरारत की। जैसे हर बच्चे करते हैं। मेरी मां मेहमानों के लिए खाना लेकर आई, लेकिन इससे पहले की मेहमान कुछ खा पाते, हम दोनों भाइयों ने सारा खाना खत्म कर दिया। जिसके बाद मेरे पिता ने हमें विनम्रतापूर्वक समझाते हुए कहा कि ठीक है, अब चुपचाप बैठ जाओ।”

https://www.youtube.com/watch?v=ypA71txfrJw

मुकेश अंबानी आगे बता रहे हैं, “लेकिन हम दोनों अपनी ही अलग दुनिया में थे। हम मेहमानों के सामने एक सोफे से दूसरे सोफे पर कूद रहे थे। हम दोनों खूब बदमाशी कर रहे थे। अगली सुबह पापा बहुत ही गुस्से में थे।”

 

वीडियो में वह आगे कह रहे हैं, “उन्होंने हम दोनों को बुलाया और कहा कि मुकेश और अनिल, तुम दोनों यहां से बाहर जाओ। आज से तुम दोनों अगले दो दिनों के लिए गैरेज में रहोगे, जब तक कि तुम लोग व्यवहार करना ना सीख जाओ। जब तक तुम दोनों को पछतावा नहीं होगा, तुम्हें बाहर नहीं निकाला जाएगा।”

मुकेश अंबानी कहते हैं, “पिताजी की सजा सुन मेरी मां ने गुहार लगाई कि दोनों छोटे बच्चे हैं, इन्हें छोड़ दीजिए। हालांकि, उन्होंने किसी की एक ना सुनी। हम दोनों को दो दिनों के लिए गैरेज में बंद कर दिया गया और केवल रोटी और पानी दिया गया। इससे हमें अहसास हुआ और इस दौरान हम दोनों भाइयों के बीच प्यार भी बढ़ा।”



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