Monday, October 18, 2021

नासा के हेलिकॉप्टर ने भरी मंगल पर उड़ान

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नासा के हेलिकॉप्टर ने भरी मंगल पर उड़ान

नासा के प्रायोगिक मार्स (मंगल) हेलिकॉप्टर ने सोमवार को धूलभरी लाल सतह से उड़ान भरी और किसी अन्य ग्रह पर पहली नियंत्रित उड़ान की उपलब्धि हासिल की। इस घटनाक्रम की तुलना राइट ब्रदर्स के प्रयोग से की जा रही है। ‘इन्जेनुइटी’ नाम के चार पाउंड (1.8 किलोग्राम) वजनी हल्के हेलिकॉप्टर ने 1903 के राइट फ्लायर के सरीखे विंग फैब्रिक के साथ उड़ान भरी। राइट फ्लायर ने उत्तर कैरोलिना के किटी हॉक में ऐसा ही इतिहास रचा था।

परियोजना प्रबंधक मिमि आंग ने अपनी टीम के लिए घोषणा की, ‘अब हम कह सकते हैं कि मनुष्य ने एक दूसरे ग्रह पर रोटरक्राफ्ट उड़ाया है।’ कैलीफोर्निया में उड़ान नियंत्रकों ने पर्सिवरेंस रोवर से डाटा मिलने के बाद ‘इन्जेनुइटी’ की संक्षिप्त उड़ान की पुष्टि की। उसे 200 फुट (65 मीटर) से अधिक ऊंचाई तक उड़ते देखा गया।

‘इन्जेनुइटी’ ने फरवरी में पर्सिवरेंस पर मंगल के लिए उड़ान भरी थी। 8.5 करोड़ डॉलर की लागत वाले हेलिकॉप्टर के इस प्रयोग को अति जोखिम वाला, साथ ही अत्यंत उपलब्धि वाला माना गया था। आंग ने सोमवार को नासा के एक वेब प्रसारण पर इसे सर्वश्रेष्ठ सपना करार दिया था। परियोजना की सफलता की अंतिम घोषणा के दौरान परिचालन केंद्र पर उत्साह और उमंग का माहौल देखा गया।

इस घटनाक्रम की पहली श्वेत-श्याम तस्वीर जब स्क्रीनों पर उभरी तो वहां मौजूद लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। इस तस्वीर में मंगल के ऊपर उड़ते ‘इन्जेनुइटी’ की छाया नजर आई। इसके बाद सतह पर उतरे हेलीकॉप्टर की रंगीन तस्वीर सामने आई। इस दौरान तो तालियों की गड़गड़ाहट और तेज हो गयी। यह तस्वीर पर्सिवरेंस से ली गई थी।

इस हेलीकॉप्टर के ऊपर एक सौर पैनल लगा है जिससे बैटरियां रिचार्ज हो सकती हैं। मंगल पर रात में शून्य से 90 डिग्री सेल्सियस कम तापमान में रहने के लिए बैटरियों का रिचार्ज रहना जरूरी है। नासा ने ‘इन्जेनुइटी’ के एअरफील्ड के रूप में 33 फुट लंबे और 33 फुट चौड़े सपाट और चट्टान रहित स्थान को चुना था। हेलिकॉप्टर को रोवर से तीन अप्रैल को एअरफील्ड में छोड़ा गया था। उड़ान के लिए निर्देश रविवार को भेजे गए।



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