Sunday, October 24, 2021

पिंपल्स और चेहरे पर अनचाहे बाल करते हैं थायरॉयड बीमारी की ओर इशारा, जानें दूसरे लक्षण

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Thyroid Symptoms: गर्दन के निचले हिस्से में स्थित तितली के आकार का ग्लैंड होता है थायरॉयड। ये एंडोक्राइन सिस्टम का हिस्सा है, इसका मुख्य कार्य मेटाबॉलिज्म को रेगुलेट करना होता है। इस ग्लैंड से T3 और T4 हार्मोन निकलता है जो दिल, दिमाग, किडनी, लिवर की कार्य क्षमता को बेहतर करता है। इससे शरीर का विकास अच्छे से हो पाता है।

पर अगर किसी व्यक्ति में थायरॉइड ग्लैंड ज्यादा या कम मात्रा में ये हार्मोन पैदा करने लगता है तो उसे थायरॉयड संबंधी विकार हो सकते हैं। वैसे तो ये बीमारी महिला या पुरुष किसी को भी अपनी चपेट में ले सकते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि गर्भवती महिलाओं में टाइप 1 डायबिटीज के अलावा इसी बीमारी के सबसे अधिक मामले देखने को मिलते हैं। महिलाओं में हार्मोनल बदलाव या आयोडीन की कमी होने के आसार ज्यादा होते हैं, ऐसे में थायरॉयड बीमारी का खतरा उनमें अधिक होता है। आइए जानते हैं इस बीमारी के बारे में विस्तार से –

क्या है हाइपो थायरॉयडिज्म: ये एक ऐसी स्थिति है जब शरीर पर्याप्त मात्रा में थायरॉयड हार्मोन रिलीज नहीं कर पाता है। इससे शरीर की सभी कार्य प्रणाली धीमी पड़ जाती है। आमतौर पर महिलाओं में मासिक धर्म का अनियमित हो जाना, कब्ज, हृदय गति कम होना, वजन बढ़ना और थकान इसके लक्षण हैं। हालांकि, हर वर्ग की महिलाओं में इसके अलगअलग लक्षण देखने को मिल सकते हैं। जानें हाइपर थायरॉयडिज्म के मरीजों के शरीर में कैसे बदलाव आते हैं

युवतियों में दिखते हैं ये लक्षण: हैवी ब्लीडिंग, अनियमित पीरियड्स, पिंपल्स, फेशियल हेयर

व्यस्क महिलाओं में: अगर शुरुआत में इन लक्षणों को अनदेखा कर दिया जाता है तो इससे रिप्रोडक्टिव एज में महिलाओं को इनफर्टिलिटी की शिकायत हो सकती है। शरीर में थायरॉयड हार्मोन के स्तर में कमी यानि कि हाइपोथायरॉयडिज्म होने पर ओव्यूलेशन की प्रक्रिया बाधित होती है जिससे महिलाएं बांझपन की शिकार हो सकती है। ज्यादा कॉफी पीने से बचें थायरॉयड से पीड़ित महिलाएं

गर्भवती महिलाओं में कौन से लक्षण आते हैं सामने: हाइपोथायरॉयडिज्म प्रेग्नेंसी को भी प्रभावित करती है, इससे गर्भवती महिलाओं को मिसकैरेज हो सकता है या फिर समय से पहले प्रसव की संभावना भी बनती है।

अधिक उम्र की महिलाओं में: हाइपोथायरॉयडिज्म के कारण हाई कोलेस्ट्रॉल, हाइपरटेंशन और डिप्रेशन की शिकायत इस उम्र की महिलाओं को हो सकती है। वहीं, वैसी महिलाएं जो पहले से ही थायरॉयड से पीड़ित हैं, उनमें मेनोपॉज जल्दी होने का खतरा अधिक रहता है। कैसी होनी चाहिए थायरॉयड मरीज की लाइफस्टाइल, जानें यहां



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