Thursday, October 28, 2021

प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में भूलकर भी ना खाएं ये 5 चीजें, हो सकता है मिसकैरेज का खतरा

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Pregnancy Foods to Avoid: गर्भावस्था यानी प्रेग्नेंसी एक ऐसा समय होता है, जिसमें खुद की सबसे ज्यादा देखभाल करनी पड़ती है। प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएं जो भी खाती हैं, इसका सीधा असर उनके पेट में पल रहे बच्चे पर पड़ता है। इसलिए बच्चे के स्वास्थ्य और तंदरुस्ती के लिए गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को पौष्टिक आहार खाने की सलाह दी जाती है। कहते हैं कि प्रेग्नेंसी के शुरुआती तीन महीने महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं। क्योंकि शुरुआती दिनों में गर्भपात होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।

ऐसे में इस बात का ध्यान रखें कि प्रेग्नेंसी के दौरान ये पांच चीजें भूलकर भी ना खाएं, क्योंकि इससे आपका मिसकैरेज हो सकता है।

1- एलोवेरा जूस से रहें दूर: एलोवेरा यूं तो कई बीमारियों को खत्म करने में काम आता है। लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को एलोवेरा के जूस का भूलकर भी सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि माना जाता है कि गर्भावस्था में एलोवेरा जूस पीना जहर के समान है। गर्भावस्‍था में एलोवेरा जूस पीने से पेल्विक हिस्‍से में ब्‍लीडिंग हो सकती है, जिससे गर्भपात भी हो सकता है।

2- कच्चे अंडे का सेवन करने से बचें: प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में कच्चे अंडे या उससे बनी चीजों को खाने से बचना चाहिए। क्योंकि इससे फूड पॉइजनिंग का खतरा होता है। इससे बच्चे को नुकसान हो सकता है। लेकिन अंडे का सफेद और पीला हिस्‍सा पकाने के बाद प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए सुरक्षित हो जाता है। ऐसे में प्रेग्नेंसी के दौरान हमेशा पका हुआ अंडा ही खाना चाहिए।

3- पपीता का हो सकता है हानिकारक: प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में हरा या अधपका पपीता खाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह गर्भपात होने का कारण बन सकता है। बता दें, हरा और अधपके पपीते में एंजाइम्‍स होते हैं, जिससे गर्भाशय में संकुचन पैदा हो सकता है और गर्भपात हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कच्चे पपीते में माइरिड एंजाइम और पस होता है, इससे गर्भाशय में ऐंठन पैदा हो सकती है जो गर्भपात करवा सकती है।

4- तिल के बीज से हो सकता है गर्भपात: गर्भावस्था के दौरान महिला को तिल के बीज ज्यादा नहीं खाने चाहिए, क्योंकि इससे गर्भपात होने का डर बढ़ जाता है। तिल को शहद में मिलाकर खाने से बचना चाहिए। हालांकि, गर्भावस्था के तीन महीनों बाद काले तिल के बीज खाए जा सकते हैं क्‍योंकि यह नॉर्मल डिलीवरी में मदद करते हैं।

5- सहजन: सहजन में काफी पौषक तत्व होते हैं, जैसे विटामिन, आयरन और पोटैशियम, लेकिन इसमें एल्‍फा सिटोस्‍टेरोल भी होता है जो आपके होने वाले बच्चे के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। तो ऐसे में आपको सहजन खाने से भी बचना चाहिए।

 



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