Thursday, October 28, 2021

रामदेव ने कहा-राकेश टिकैत का इलाज कर चुके हैं बालकृष्ण

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बाबा रामदेव ने कहा है कि किसानों की समस्या का समाधान तभी होगा जब सरकार और किसान नेता दो कदम आगे बढ़कर बात करें। उनका कहना था कि वह खुद भी इस मसले पर बात कर सकते हैं। राकेश टिकैत का इलाज आचार्य बालकृष्ण कर चुके हैं। उनके गांव में पतंजलि योगपीठी अपना कार्यक्रम भी कर चुकी है। रामदेव का दावा है कि टिकैत बंधु उनके कार्यकर्ता (पारिवारिक सदस्य) की तरह से हैं।

उनका कहना था कि कुछ राजनीतिज्ञ नहीं चाहते कि इसका समाधान निकले। आंदोलनजीवी पर उनका कहना था कि जिसने कहा है उनसे जाकर पूछो कि किसके लिए यह शब्द कहा गया है। बकौल रामदेव वह खुद भी किसान के बेटे हैं। उनका मानना है कि किसानों की समस्या का समाधान निकलना चाहिए। 26 जनवरी की घटना से भारत को अपयश का सामना करना पड़ा है। जितनी जल्दी हो सरकार, किसानों को बातचीत शुरू कर देनी चाहिए।

इससे पहले बाबा रामदेव ने कोविड-19 के लिए दवा को लेकर कहा कि पतंजलि रिसर्च इंस्टिट्यूट की यह दवा विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) से सर्टिफाइड है। उनका दावा है कि WHO ने इसे ‘गुड मैनुफैक्‍चरिंग प्रैक्टिस’ का सर्टिफिके‍ट भी दिया है। रामदेव ने कहा, कोरोनिल के संदर्भ में नौ रिसर्च पेपर दुनिया के सबसे असरदार रिसर्च जर्नल्‍स में प्रकाशित हो चुके हैं। 16 रिसर्च पेपर पाइपलाइन में हैं।

गौरतलब है कि 23 जून 2020 को रामदेव ने ‘कोरोनिल’ लांच करते हुए इससे कोविड-19 मरीजों को ठीक करने का दावा किया था। इसके लांच होते ही देश में विवाद छिड़ गया। उत्तराखंड के आयुष विभाग ने भी कोरोना की दवा बनाने के लिए लाइसेंस नहीं लिए जाने की बात कहते हुए पतंजलि आयुर्वेद को नोटिस जारी किया था। आयुष मंत्रालय ने कहा था कि पतंजलि कोरोनिल को केवल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली औषधि के तौर पर बेच सकता है।

बाबा रामदेव ने तब कोरोनिल को तब कोविड-19 की दवा के रूप में लॉन्‍च किया था। विवाद के बाद वह उसे बीमारी का असर कम करने वाली दवा कहने लगे थे। रामदेव ने कहा था कि मंत्रालय ने उनसे कोविड का इलाज की जगह कोविड प्रबंधन शब्द का इस्तेमाल करने को कहा है।



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