Monday, October 18, 2021

सब्जी वही स्वाद नया

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मानस मनोहर
गरमी में पाचनतंत्र कुछ मंद पड़ जाता है। ज्यादा मसालेदार चीजें खाने का मन नहीं करता। मगर रोज-रोज सूखी सब्जी खाकर भी मन ऊब जाता है। इस मौसम में वही भिंडी, तोरी, करेले वगैरह जैसी सब्जी उपलब्ध होती है। इन्हें नए-नए प्रयोग करके बनाएं, तो स्वाद बदला जा सकता है। इस बार गरमी में ऐसी ही कुछ सब्जी को नए तरीके से बनाने का प्रयास करेंगे।

भिंडी दोप्याजा
भिंडी पूरे भारत में पैदा होती और खाई जाती है। यह मुख्य रूप से गरमी की सब्जी है। इसे आमतौर पर सूखी सब्जी की तरह बनाया जाता है। मगर दक्षिण भारत में कच्चे नारियल के चूरे या उसके दूध के साथ इसकी रसेदार सब्जी भी बनाई जाती है। रोटी या पराठे के साथ रोज-रोज भिंडी की सूखी सब्जी खाकर मन ऊब जाता है। चावल-दाल के साथ इसे खाना फिर भी मजेदार होता है। ऐसे में भिंडी दोप्याजा एक ऐसा विकल्प है, जो न तो सूखी सब्जी की तरह होता है और न रसेदार की तरह। इसे बनाने में सूखी भिंडी बनाने की अपेक्षा थोड़ी अधिक तैयारी जरूर करनी पड़ती है, मगर इसे बनाना बहुत मजेदार है। इसके लिए सबसे पहले भिंडी को अच्छी तरह धोकर उनका पानी अच्छी तरह सुखा लीजिए फिर मनचाहे आकार में काटिए। यों भिंडी दोप्याजा बनाने के लिए बहुत छोटे आकार में भिंडी को नहीं काटना चाहिए। एक भिंडी से तीन से अधिक टुकड़े न करें। छोटी भिंडी के दो टुकड़े।

इसके साथ ही एक बड़े आकार या फिर दो मध्यम आकार के प्याज छील कर चौकोर आकार में काट कर उनकी परतें अलग करके भिंडी के साथ ही रख लें। अगर चाहें तो इन पर आधा चम्मच धनिया पाउडर, चौथाई चम्मच हल्दी और आधा चम्मच सब्जी मसाला डाल कर अच्छी तरह मिला लें और ढंक कर रख दें।

अब इसकी ग्रेवी बनाने के लिए दो मध्यम आकार के प्याज और दो टमाटर बड़े-बड़े टुकड़ों में काटें। एक कड़ाही में दो चम्मच सरसों का तेल गरम करें। उसमें जीरा, राई, सौंफ, अजवाइन और तेजपत्ता का तड़का दें। फिर ग्रेवी के लिए कटे प्याज-टमाटरों को छौंक दें। आंच मध्यम रखें। ऊपर से आधा चम्मच नमक डालें और ढक्कन लगा कर दस मिनट के लिए पकने दें। जब प्याज और टमाटर पक कर नरम और पारदर्शी हो जाएं, तो आंच बंद कर दें। इसे ठंडा होने दें। फिर मिक्सर में डाल कर पीस लें। अब कड़ाही में दो-तीन चम्मच सरसों तेल डालें और उसमें मेथी दाना, सरसों और जीरे का तड़का लगाएं। उसमें कटे हुए प्याज और भिंडी छौंक दें। बिना ढक्कन लगाए चलाते हुए इसे करीब पांच मिनट तक पकाएं। जब भिंडी का लसलसापन खत्म हो जाए तो उसमें पिसा हुआ प्याज-टमाटर डालें और अच्छी तरह मिलाएं। फिर आधा चम्मच नमक डालें और कड़ाही पर ढक्कन लगा कर आंच को मध्यम कर दें।

पांच मिनट बाद ढक्कन खोलें और उसमें धनिया पाउडर और गरम मसाला डाल कर अच्छी तरह मिला दें। एक बार फिर ढक्कन लगा दें और पांच मिनट तक पकने दें। भिंडी दोप्याजा तैयार है। इसे धनिया और हरी मिर्च के साथ सजा कर परोसें।

तोरी लबाबदार
गरमी के मौसम में एक और सब्जी बहुतायत में मिलती है- तोरी। तोरी की किस्में तीन-चार होती हैं, मगर ज्यादातर मुलायम छिलके वाली तोरी ही बाजार में बिकती है। इसे बनाने के कई तरीके हैं। कुछ लोग इसे सामान्य रूप से अजवाइन और हींग का तड़का देकर पका लेते हैं। कुछ लोग इसमें प्याज-टमाटर डाल कर पकाते हैं। कुछ लोग इसके छिलके को अलग करके उसकी भुजिया बनाते हैं और गूदे की रसेदार सब्जी। तोरी पानी छोड़ती है, इसलिए इसमें पानी डालने की जरूरत नहीं होती। वह अपने पानी से ही पक जाती है।

वैसे तोरी को इस तरह सादे ढंग से खाकर बहुत सारे लोग ऊब जाते हैं। इसलिए उसे कुछ अलग ढंग से बना कर खाना चाहते हैं। इसके लिए तोरी को लबाबदार बना कर खाएं। स्वाद भी अलग होगा और सादे ढंग से बना कर खाने से पैदा हुई ऊब भी दूर होगी।

लबाबदार तोरी बनाना बहुत आसान है। नरम छिलके वाली तोरी को चाकू से घिस कर उसके ऊपर से छिलके को उतार लें। ध्यान रहे कि इसे छीलना नहीं है, बस घिस कर मैल उतारने की तरह साफ करना है। फिर तोरियों को अच्छी तरह धोकर साफ कर लें। अब इन्हें बीच से चार-पांच टुकड़ों में काट लें। टुकड़े लंबे रखें। इसी में भुनी हुई मूंगफली को ग्राइंडर में पीस कर डालें।

अगर आधा किलो तोरी ली है, तो मुट्ठी भर मूंगफली पर्याप्त है। बाजार में भुनी मूंगफली नमकीन के रूप में मिल जाती है, उसी को पीस सकते हैं। अगर वह न हो तो कच्ची मूंगफली को तवे पर सेंक कर उसका छिलका उतारें और फिर ग्राइंडर में पीस कर चूर्ण बनाएं। फिर आधा कटोरी गाढ़ा दही डालें और इसी में आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, एक चम्मच धनिया पाउडर, एक चम्मच गरम मसाला, जरूरत भर का नमक और चौथाई चम्मच हल्दी पाउडर डाल कर अच्छी तरह मिला लें, ताकि सारे मसाले तोरी के हर टुकड़े पर चिपक जाएं। अब इसे कमसे कम बीस मिनट के लिए अराम करने रख दें।

फिर कुकर में दो चम्मच सरसों का तेल गरम करें। उसमें जीरा, अजवाइन, एक छोटा टुकड़ा दालचीनी, एक तेजपत्ता, चार-पांच दाने काली मिर्च और थोड़ी सी सौंफ का तड़का लगाएं। तड़का तैयार हो जाए, तो मसाले मिली तोरी को छौंक दें। दो से तीन मिनट इसे चलाते हुए मिलाएं। फिर कुकर का ढक्कन लगा दें। आंच मध्यम रखें। एक से दो सीटी आने के बाद आंच बंद कर दें। थोड़ी देर बाद कुकर ढक्कन खोलें, सब्जी को एक बार अच्छी तरह चला लें। सब्जी बनकर तैयार है। हरी मिर्च और धनिया के साथ सजा कर रोटी, परांठा या पूड़ी के साथ परोसें।



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