Wednesday, October 20, 2021
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CM बनने के बाद मायावती ने मुलायम-अखिलेश को करवाया था नजरबंद, संसद तक पहुंचा था मामला

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CM बनने के बाद मायावती ने मुलायम-अखिलेश को करवाया था नजरबंद, संसद तक पहुंचा था मामला



साल 2011 में मायावती ने अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव को नजरबंद करवा दिया था। इसी चर्चा उस समय संसद में भी हुई थी। जिसके बाद गृह मंत्रालय से इस पर जवाब मांगा गया था।

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी दलों ने तैयारी शुरू कर दी है। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो मायावती ने साफ कर दिया है कि इस चुनाव में उनकी पार्टी किसी भी बाहुबली को टिकट नहीं देगी। पिछले कुछ चुनावों में बीएसपी का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा, लेकिन साल 2007 में बीएसपी को बहुमत मिला था और मायावती चौथी बार यूपी की सीएम बनी थीं। अखिलेश यादव उस दौरान लोकसभा सांसद हुआ करते थे।

साल 2011 आते-आते अखिलेश यादव ने मायावती सरकार पर बिगड़ती कानून-व्यवस्था, व्यापक भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए व्यापक अभियान छेड़ दिया था। यूपी के अलग-अलग शहरों में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए थे। इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व अखिलेश यादव ही कर रहे थे। वह कई जनसभाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे थे। मायावती के लिए सपा कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया था और उन्होंने मार्च 2011 में कड़ा कदम उठाते हुए अखिलेश और मुलायम सिंह यादव को नजरबंद कर दिया था।

अखिलेश और मुलायम को नजरबंद करने के बाद पूरे प्रदेश में विरोध-प्रदर्शन और भी तेज हो गया था। लेखक मनीष तिवारी और राजन पांडे ने अपनी किताब ‘बैटलग्राउंड यूपी’ में भी इसका जिक्र किया है। बकौल मनीष तिवारी, ‘मायावती सरकार के लिए समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करना मुश्किल हो चुका था। वह ऐसा करने में विफल नजर आ रही थीं। अखिलेश पार्टी दफ्तर से इस पर नजर रख रहे थे। वह अपनी पार्टी के शक्ति प्रदर्शन से बेहद खुश थे। क्योंकि बिल्कुल ऐसा लग रहा था कि ये सब पहली बार हो रहा है।’

संसद तक पहुंचा था मामला: दोनों नेताओं को नज़रबंद करने का मामला दिल्ली तक पहुंच गया था और लोकसभा तक में इसकी चर्चा हुई थी। तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने इस मामले पर केंद्रीय गृह मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी थी। दरअसल ये सब सपा नेताओं के लोकसभा में विरोध दर्ज करवाने के बाद हुआ था। क्योंकि अखिलेश यादव उस समय लोकसभा सांसद थे और उन्होंने सदन में इस मुद्दे को जोर देकर उठाया था। अखिलेश ने सदन में कहा था कि उन्हें लखनऊ से गिरफ्तार तक कर लिया गया था और प्रदर्शनों में भाग लेने से रोका गया था।

गौरतलब है कि इसका फायदा अगले साल यानी 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को हुआ भी। सपा को यूपी में बहुमत मिला था और मायावती को सीएम पद छोड़ना पड़ा था। मुलायम सिंह यादव ने अपनी जगह अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाया था।



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स्ट्रोक के खतरे को कम करने में असरदार हैं ये 5 योगासन, जानें क्या है इसे करने का सही तरीका

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स्ट्रोक के खतरे को कम करने में असरदार हैं ये 5 योगासन, जानें क्या है इसे करने का सही तरीका



योग का नियमित अभ्यास जीवन को कितना सरल बना देता है, इसमें कोई दो राय नहीं है। अगर नियमित रूप से योग किया जाए तो यह शरीर के सभी हिस्सों को राहत देने के साथ कई गंभीर बीमारियों, जैसे- स्ट्रोक के जोखिम को भी कम करता है। योग एक्सपर्ट ग्रैंड मास्टर अक्षर कहते हैं कि अगर आप स्ट्रोक को रोकना चाहते हैं तो योग सबसे अच्छा अभ्यास है। यह स्ट्रोक झेल चुके लोगों के सेहत में सुधार लाने और उन्हें ज्यादा सक्रिय बनने में भी मदद कर सकता है।

स्ट्रोक तब होता है जब मस्तिष्क के एक हिस्से को लगातार ऑक्सीजन नहीं मिलता। इससे मस्तिष्क के कमज़ोर उत्तक क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि ब्रेन का कौन सा हिस्सा प्रभावित हो रहा है। एक्सपर्ट पांच आसनों के बारें में बताते है जो स्वास्थ्य में सुधार और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने के लिए असरदार है। 

1. पश्चिमोत्तानासन 

* योगा मैट पर बैठकर अपने पैरों को आगे की तरफ फैलाएं। ध्यान दें कि आपके घुटने थोड़े मुड़े हुए हो।

* अपनी बाहों को ऊपर की ओर फैलाएं और अपनी रीढ़ को सीधा रखें।

* सांस छोड़ें और पेट से हवा को खाली करें।

* सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें और अपने ऊपरी शरीर का भार अपने निचले शरीर पर रखें।

* अपनी बाहों को नीचे करें और अपने बढ़े हुए पैर की उंगलियों को हाथ से पकड़ें।

* साथ ही, अपने घुटनों को अपनी नाक से छूने की कोशिश करें। 10 सेकंड तक इस मुद्रा में रहें।

2. पादहस्तासन:

*समस्थिति में खड़े होकर शुरुआत करें मतलब दोनों पैरों को जोड़कर खड़े हो जाएं।

* सांस छोड़ें और धीरे से अपने ऊपरी शरीर को नीचे की ओर झुकाते हुए नाक को अपने घुटनों से स्पर्श करें।

* इस दौरान हथेलियों से पैरों को नीचे तक छूने की कोशिश करें।

* धीरे-धीरे अपने घुटनों को सीधा करें और अपनी छाती को अपनी जांघों तक लाने की कोशिश करें।

* इस आसन में कुछ देर के लिए रुकें और फिर आराम की मुद्रा में आ जाएं।

3. धनुरासन:

* आसन की शुरुआत पेट के बल लेट कर करें।

* अपने घुटनों को मोड़ें और अपने टखनों को अपनी हथेलियों से पकड़ें।

* अपने पैरों और बाहों को जितना हो सके, ऊपर उठाएं।

* ऊपर देखें और कुछ देर इसी मुद्रा में रहें।

4. भुजंगासन 

* इस आसन में पेट के बल लेट जाएं और अपनी हथेलियों को अपने कंधों के नीचे रखें।

* अपने पैर की उंगलियों को जमीन पर रखते हुए अपने पैरों को एक साथ लाएं।

* एक गहरी सांस अंदर लें और इसे रोक कर रखें। फिर अपने सिर, कंधों और धड़ को ऊपर उठाएं।

* 30 डिग्री के कोण पर ऊपर उठें पर यह ध्यान रखें कि आपकी नाभि फर्श से लगी हुई हो।

* अपने सिर को थोड़ा ऊपर उठाकर अपने कंधों को चौड़ा करें।

* धीरे-धीरे अपना धड़ नीचा करें और सांस छोड़ें।

5. ताड़ासन

*  इस आसन को करने के लिए पैर की उंगलियों और एड़ी को जोड़ के खड़े हो जाएं।

* अपने पेट को सीधा करें और कंधों को नीचे और पीछे की ओर आराम दें।

* अब अपने पैर की मांसपेशियों को सक्रिय रूप से जोड़ते हुए 5-8 सांसें लें।

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अनंत अंबानी ने इस शख्स की बदौलत 18 महीने में कम कर लिया था 108 किलो वजन

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अनंत अंबानी ने इस शख्स की बदौलत 18 महीने में कम कर लिया था 108 किलो वजन



अनंत अंबानी का वेट लॉस करवाने में ट्रेनर विनोद चन्ना का अहम योगदान था। वह इससे पहले दीपिका पादुकोण और शिल्पा शेट्टी की भी मदद कर चुके हैं।

भारत में बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन का नाम लेते ही सबसे पहले विनोद चन्ना का नाम सामने आता है। विनोद चन्ना ने कई सेलिब्रिटीज का वजन कम करवाने में मदद की है। इसमें अनंत अंबानी का नाम भी शामिल है। अनंत ने साल 2016 में विनोद चन्ना का डाइट और वर्कआउट रुटीन फॉलो करके 108 किलोग्राम वजन कम कर लिया था। अनंत अंबानी कोई पहले शख्स नहीं है जिनका वजन कम करवाने में विनोद चन्ना ने मदद की है। विनोद के बारे में आगे बताने से पहले जान लेते हैं कि आखिर वो हैं कौन?

विनोद के पास इस लक्ष्य को प्राप्त करने का अपना एक उद्देश्य था। उनकी वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, वह बचपन में बेहद दुबले-पतले थे। यही वजह थी कि लोग उनका मजाक भी उड़ाया करते थे। दरअसल वह बचपन में कुपोषित थे और कई बार तो वह खाना तक नहीं खाते थे, यही वजह थी कि उनका शरीर बिल्कुल अजीब लगता था।

यहां तक कि वह अपने परिवार की कोई मदद भी नहीं कर पाते थे। वह एक के बाद दूसरी नौकरी कर रहे थे। उन्होंने सिक्योरिटी गार्ड से सफाईकर्मी तक की भी नौकरी की थी। अंत में उन्हें महसूस हुआ कि लंबी आयु के लिए उन्हें अपने शरीर पर कुछ ध्यान देना चाहिए।

इसके बाद उन्होंने जिम में खूब पसीना बहाना शुरू किया। उन्होंने न सिर्फ अपनी बॉडी और जीवन ट्रांसफॉर्म किया बल्कि उनकी लाइफ भी बदल दी जिनके लिए काम किया। विनोद चन्ना ने फिल्म हाउसफुल से पहले एक्टर रितेश देशमुख की भी मदद की थी। साथ ही विनोद ने दीपिका पादुकोण, आशीष चौधरी और शिल्पा शेट्टी को भी ट्रेन किया था। विनोद की ट्रेनिंग का ही असर था कि अनंत अंबानी ने 18 महीने में 108 किलोग्राम वजन कम किया था।

क्या होता था अनंत का रुटीन: बिजनेस इनसाइडर के साथ इंटरव्यू में विनोद चन्ना ने कहा था, ‘अनंत बहुत समर्पित थे और उन्होंने कई स्टेज पर वेट-लॉस प्रोग्राम फॉलो किया था। अनंत की डाइट पर ही खास ध्यान दिया गया था, इसमें प्रोटीन, लो कार्ब और फाइबर को शामिल किया गया था। उन्होंने रोज़ाना 30 मिनट वॉक से अपना रुटीन शुरू किया था और बहुत आसानी से अनंत ने इस रुटीन को अपना लिया था। उनकी डाइट में एक दिन में ज्यादा से ज्यादा 1,200 कैलोरी ही दिया जाता था।’

विनोद ने बताया था, अनंत के लाइफस्टाइल, लेट नाइट और हार्मोनल चेंज समेत कई अन्य फैक्टर के कारण वेट लॉस में काफी परेशानियां भी आई थीं। यही वजह थी कि अनंत का रोज़ाना वजन भी कम नहीं हो रहा था। अनंत के लिए ये काफी मुश्किल भी था क्योंकि वह खाने की बहुत शौकीन हैं और जंक फूड उन्हें सबसे पसंद है। यही वजह है कि उनकी डाइट में कुछ ब्रेक्स को शामिल किया था जिससे अनंत वर्कआउट के लिए प्रेरित हो सकें।



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राहुल को PM बनाने के लिए समर्थन करेंगे? मुलायम सिंह यादव से पूछा सवाल तो मिला था ऐसा जवाब

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राहुल को PM बनाने के लिए समर्थन करेंगे? मुलायम सिंह यादव से पूछा सवाल तो मिला था ऐसा जवाब



मुलायम सिंह यादव से एक इंटरव्यू के दौरान पूछा गया था कि क्या वह राहुल गांधी का समर्थन प्रधानमंत्री बनने के लिए करेंगे? इसके जवाब में उन्होंने कुछ ऐसा कहा था।

उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी तैयारी शुरू कर दी है। पिछले चुनावों में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन इस गठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा था। इस बार कांग्रेस अकेले चुनाव मैदान में है। एक इंटरव्यू के दौरान मुलायम सिंह यादव से राहुल गांधी को लेकर सवाल पूछा गया था।

वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला ने मुलायम सिंह यादव से पूछा था, ‘आप कांग्रेस का समर्थन तो चुनाव के बाद भी कर सकते हैं। राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए समर्थन करेंगे? राहुल को आप समझते हैं कि प्रधानमंत्री बनने लायक है?’ मुलायम सिंह ने इसके जवाब में कहा था, ‘अब कांग्रेस का समर्थन तो हम चुनाव के बाद देखेंगे। जहां तक राहुल को प्रधानमंत्री बनाने की बात है तो ये बात कांग्रेस देखे। कोई हम तो ऐसे हैं नहीं कि राहुल को पीएम बना सकते हैं। चुनाव के बाद क्या दृश्य होगा उसके बाद ही ये तय होगा।’

प्रभु चावला कहते हैं, ‘मैंने ये देखा है कि आप कांग्रेस का तो विरोध कर रहे हैं, लेकिन कहीं न कहीं बीजेपी और आडवाणी का समर्थन कर रहे हैं।’ इसके जवाब में मुलायम कहते हैं, ‘मैंने कभी बीजेपी और आडवाणी का समर्थन नहीं किया। अब जब आडवाणी जी ने कहा कि यूपी में काम खराब हो रहा है तो हमें इसमें सुधार करना चाहिए। मेरी कभी आडवाणी जी से कोई मुलाकात और बातचीत नहीं हुई। हम बीजेपी के किसी नेता से बात करने के इच्छुक भी नहीं हैं।’

मुलायम आगे कहते हैं, ‘मैं तो ऐसा नेता हूं जो पार्टी के कार्यक्रम में अधिकारियों की क्लास लेता हूं। क्योंकि हमें बिल्कुल भी भ्रष्टाचार का आरोप अपने ऊपर नहीं चाहिए। अगर सच में गलती होगी तो हम गलत कहेंगे। अब इसमें अखिलेश को भी चाहे बुरा लगे। जहां तक हमारी बात है तो हम यही कहेंगे कि समाजवादी पार्टी समय के साथ मजबूत ही हुई है और हमारे काम का ही ये एक नतीजा है।’

प्रधानमंत्री नहीं बन पाए थे मुलायम: एक अन्य इंटरव्यू में मुलायम सिंह यादव ने बताया था, ‘मैं तो प्रधानमंत्री समझो बन ही गया था। रात में मेरे घर पर कार्यकर्ता और दुनियाभर की प्रेस भी इकट्ठा हो गई थी, लेकिन दो-तीन नेताओं ने ऐसा किया कि मैं पीएम नहीं बन पाया। अब बार-बार एक ही चीज को दोहराना ठीक नहीं है। रात में तो ये भी तय हो गया था कि मैं सुबह 8 बजे प्रधानमंत्री पद की शपथ लूंगा।’



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इम्यून सिस्टम की कमजोरी से हो सकती है हार्ट और ब्लड प्रेशर की बीमारी, इन 6 आदतों को अपनाकर रहें स्वस्थ

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इम्यून सिस्टम की कमजोरी से हो सकती है हार्ट और ब्लड प्रेशर की बीमारी, इन 6 आदतों को अपनाकर रहें स्वस्थ



7-8 घंटे की नींद इम्युनिटी बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका है। नींद की कमी मस्तिष्क की गतिविधि को बाधित करती है और आपको थका देती है।

कोविड-19 महामारी पिछले दो सालों से चिंता का विषय बनी हुई है। डेल्टा वैरिएंट अभी भी दुनिया के कई हिस्सों में तबाही मचा रहा है। ऐसे में अपनी सेहत का ध्यान रखना जरूरी हो जाता है। संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ चारु दत्त अरोड़ा कहती हैं कि सामाजिक दूरी और हाथ की अच्छी सफाई बनाए रखना जरूरी है लेकिन प्रतिरक्षा में सुधार करना भी उतना ही जरूरी है।

खासकर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और श्वसन संबंधी समस्याओं वाले व्यक्तियों को कोविड-19 जैसी जटिल बीमारियों का ज्यादा खतरा होता है। यह समस्या उम्र के साथ बढ़ती है क्योंकि जैसे-जैसे आप बड़े होते जाते हैं, प्रतिरक्षा क्षमता कम होती जाती है। 

क्या करें प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए

1. संतुलित आहार: आप जो भोजन करते हैं वह आपके स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा को निर्धारित करता है।

– कम कार्बोहाइड्रेट वाली डाइट लें। इससे हाई ब्लड शुगर और प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।

– फिट रहने के लिए प्रोटीन लेने पर ध्यान दें। 

– बीटा कैरोटीन, एस्कॉर्बिक एसिड और अन्य विटामिन से भरपूर सब्जियों और फलों का सेवन करें। जैसे- मशरूम, पपीता, टमाटर, शिमला मिर्च। हरी सब्जियां जैसे- ब्रोकली, पालक भी अच्छे विकल्प हैं।

-ओमेगा 3 से भरपूर सप्लीमेंट्स भी लें। 

-अदरक, आंवला और हल्दी जैसे प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चीज़े लें। साथ ही, लहसुन, तुलसी के पत्ते और काला जीरा जैसी कई जड़ी-बूटियां प्रतिरक्षा को बढ़ाने में मदद करती हैं। 

-कुछ बीज और मेवे जैसे सूरजमुखी के बीज, अलसी के बीज, कद्दू के बीज और खरबूजे के बीज प्रोटीन और विटामिन ई के अच्छे स्रोत हैं इसलिए इन्हें भी लें।

-बाहर के खाने से परहेज करें। 

2. रात को अच्छी नींद लें: 7-8 घंटे की नींद इम्युनिटी बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका है। नींद की कमी मस्तिष्क की गतिविधि को बाधित करती है और आपको थका देती है।

3. पानी का सेवन: खुद को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। रोजाना लगभग 10-14 गिलास पानी पिएं जो आपके शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करेगा।

4. व्यायाम: 30 मिनट की हल्की एक्सरसाइज जैसे चलना, योग, स्ट्रेचिंग और कार्डियो आपको पूरे दिन ऊर्जावान बनाए रखेगी। नियमित रूप से व्यायाम करना आपको स्वस्थ बनाए रखने में बहुत मददगार साबित होता है। 

5. योग करें: मेडिटेशन का अभ्यास करें जो आपके तनाव को दूर करता है और आपके शरीर में कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) के स्तर कम करता है।

6. धूम्रपान, शराब और अन्य नशीली चीज़ों से बचें: किसी भी तरह के नशे का सेवन आपके शरीर को कमजोर बना सकता है। साथ ही, श्वसन संबंधी बीमारियों पर सीधा असर करता है।  हाल ही में हुए एक नए शोध में दावा किया गया है कि जो व्यक्ति भारी शराब का सेवन करते हैं, वे एआरडीएस (एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम) से पीड़ित होते हैं।



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तेजी से वजन कम करने के चक्कर में बढ़ सकता है Uric Acid का स्तर!

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तेजी से वजन कम करने के चक्कर में बढ़ सकता है Uric Acid का स्तर!



देर तक भूखे रहकर वजन कम करने से यूरिक एसिड का स्तर काफी बढ़ जाता है जो बाद में चलकर गठिया और किडनी आदि की समस्या पैदा करता है।

Weight Loss के लिए कई बार लोग ऐसा तरीका अपनाते हैं जिससे वजन काफी तेज़ी से कम होता है। इसके लिए लोग देर तक भूखे रहने का तरीका अपनाते हैं जो काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है। देर तक भूखे रहकर वजन कम करने से यूरिक एसिड का स्तर काफी बढ़ जाता है जो बाद में चलकर गठिया और किडनी आदि की समस्या पैदा करता है।

तेज़ी से वजन कम करने के नुकसान- अचानक से अगर आप ज्यादा वजन कम करते हैं तो इससे डिहाइड्रेशन, हड्डी रोग, डिप्रेशन जैसी समस्याएं हो सकतीं हैं। एक्सपर्ट बताते हैं कि अगर आप तेज़ी से वजन कम करते हैं तो आपके मांसपेशियों पर इसका प्रतिकूल असर होता है। ऐसा करने से तीन गुना मसल्स लॉस होता है। तेज़ी से वजन कम करने के लिए हम जरूरी पोषक तत्वों में कटौती करते हैं जिससे हमारे शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता। इससे हमें दिनभर थकान और कमजोरी रहती है।

क्या है वजन कम करने का सही तरीका? वजन को कम करने के लिए रूटीन का पालन करें और महीने में तीन से चार किलो वजन कम करने से अपनी शुरुआत करें। वजन कम करने के लिए सबसे पहले अपने खानपान पर ध्यान दें। खाने का एक नियत समय बनाएं और खाने में हर जरूरी पोषक तत्व को शामिल करें। हर रोज कम से कम आधे घंटे तक व्यायाम करें और डिब्बाबंद चीजों को कम से कम खाएं।

वेट लॉस के लिए जरुरी टिप्स-

कार्बोहाइड्रेट्स की मात्रा घटाएं- हम अपने खाने में कार्बोहाइड्रेट्स की मात्रा ज्यादा रखते हैं और प्रोटीन की मात्रा कम लेते हैं। वजन बढ़ने का यह एक बड़ा कारण है। इसलिए खाने में कार्बोहाइड्रेट्स की मात्रा कम लें और प्रोटीन की मात्रा को बढ़ाएं। अंडा, दाल, सोयाबीन, राजमा आदि का सेवन करें।

फाइबर की मात्रा बढ़ाएं- फाइबर हमारे पेट को देर तक भरा रखता है और हम भूख कम महसूस करते हैं। यह हमारे खाने को सही से पचाने का काम भी करता है। इसलिए खाने में शकरकंद, सेब, बींस आदि को शामिल करें।

खूब पिएं पानी- सुबह उठकर गुनगुने पानी में कुछ बूंदे नींबू की डालकर पिएं। दिनभर में करीब 8 से 10 गिलास पानी का सेवन करें। इससे आपको डिहाइड्रेशन नहीं होगा और वजन कम करने में मदद मिलेगी। लेकिन पानी पीने में इस बात का ध्यान रखें कि खाने के तुरंत बाद पानी न पिएं। खाने से पहले थोड़ी मात्रा में पानी पिएं और खाने के एक घंटे बाद ही दोबारा पानी लें।

नियमित करें योग- व्यायाम के साथ साथ नियमित योग करना भी वजन कम करने में कारगर है। इससे शारीरिक और मानसिक सेहत में सुधार होता है। योग से मन शांत होता है और हम एकाग्र होकर अपने काम कर पाते हैं।



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Blood Sugar: डायबिटीज में मेथी का सेवन है फायदेमंद, जानिए क्या है इसके इस्तेमाल का सही तरीका

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Blood Sugar: डायबिटीज में मेथी का सेवन है फायदेमंद, जानिए क्या है इसके इस्तेमाल का सही तरीका



मेथी का इस्तेमाल भारतीय व्यंजनों में बेहद आम है। आमतौर पर इसका स्वाद कड़वा होता है। लेकिन इन कड़वे बीजों के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। यह मधुमेह को नियंत्रित करने से लेकर कैंसर को रोकने, पाचन समस्याओं को कम करने और एसिड रिफ्लक्स का इलाज तक करने में कारगर है। इंटरनेशनल जर्नल फॉर विटामिन एंड न्यूट्रिशन रिसर्च में प्रकाशित 2015 के अध्ययन में पता चला कि 10 ग्राम मेथी को भिगोकर उसको रोजाना लेने से टाइप-2 डायबिटीज को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। मेथी का पानी उन लोगों में ब्लड शुगर को भी कम करता है जिन्हें डायबिटीज की शिकायत होती है। 

कैसे करता है डायबिटीज में काम

* मेथी के दानों में सॉल्यूबल फाइबर बहुत ज्यादा मात्रा में होता है जो कि कार्बोहाइड्रेट को शरीर में पहुंचने की प्रकिया को धीमा कर देता है। इससे भोजन के पाचन की प्रक्रिया के दौरान रक्त के अंदर ग्लूकोज की मात्रा थोड़ी-थोड़ी मिलती है और ब्लड शुगर नियंत्रण में रहता है।

* मेथी दाना में पाए जानेवाला 4-हाइड्रॉक्सीइसल्यूसीन नामक एक एमिनो एसिड रक्त के अंदर मौजूद शुगर को तोड़कर उसका स्तर कम करता हैं। इससे ब्लड में इंसुलिन की मात्रा बढ़ती है और डायबिटीज कंट्रोल में रहता है। 

* अगर आप मेथी दाना का रोजाना सेवन करें तो यह आपके मेटाबॉलिज़म को सही रखने का भी काम करता है।

* मेथी के दाने मेटाबॉलिज्म प्रकिया को सही करते हैं जिससे चाहे आप टाइप-1 डायबिटीज के मरीज हों या टाइप-2 डायबिटीज के, दोनों ही स्थितियों में काफ़ी मदद मिलती है।

घरेलू नुस्खे में मेथी का प्रयोग

* मेथी को रात भर भिगोकर रख दें और सुबह उसका पानी पीएं।

* इसके बीज को व्यंजनों में इस्तेमाल करें। 

* अगर आप चाहे तो मेथी के बीजों को अपने भोजन में उपयोग करने से पहले कम से कम तीन से चार घंटे के लिए गर्म पानी में भिगो सकते हैं। इससे मेथी के गुणों का पूरा इस्तेमाल सही से हो पाएगा।

मेथी के सेवन का सही तरीका क्या है?

एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच मेथी दाना डालें और इसे लगभग 10 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। उसके बाद इसे छान लें और मेथी वाले पानी में स्वाद के लिए नींबू और एक चुटकी शहद डालकर उसे पी लें। आप रोटी, करी, सलाद, पराठे, डोसा, इडली और तले हुए व्यंजन में एक चम्मच सूखी मेथी भी मिला सकते हैं।

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नई दिल्ली शताब्दी सहित ये ट्रेनें कैंसल, जानें- कैसे चेक करें कि कहीं आपकी गाड़ी भी तो नहीं है रद्द

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नई दिल्ली शताब्दी सहित ये ट्रेनें कैंसल, जानें- कैसे चेक करें कि कहीं आपकी गाड़ी भी तो नहीं है रद्द



Indian Railways IRCTC: इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी से बात की और मूसलाधार बारिश से प्रभावित राज्य की स्थिति के संबंध में जानकारी हासिल की।

Indian Railways IRCTC: भारतीय रेल को नई दिल्ली-काठगोदाम शताब्दी सहित कई ट्रेनें कैंसल करनी पड़ी हैं। वजह- रामपुर काठगोदाम के बीच रेल ट्रैक से मिट्टी खिसक गई। दरअसल, उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश हुई, जिसकी कारण वहां यह स्थिति पैदा हुई। रेलवे ने कुछ आठ ट्रेनों यानी चार जोड़ी गाड़ियों को कैंसल किया है। पूर्वोत्तर रेलवे ने मंगलवार (19 अक्टूबर, 2021) को रेल रूट बंद होने पर 05036-35 काठगोदाम-दिल्ली संपर्क क्रांति और 02092-91 काठगोदाम से देहरादून नैनी जनशताब्दी को कैंसल कर दिया। साथ में जुड़ने वाली पैसेंजर गाड़ी रामनगर-मुरादाबाद और मुरादाबाद से काठगोदाम के बीच चलने वाली जोड़ी पैसेंजर ट्रेन रद्द कर दी।

वहीं, हावड़ा से काठगोदाम आने वाली 03019 बाघ एक्सप्रेस को रामपुर और जैसलमेर से काठगोदाम जा रही 05013 रानीखेत एक्सप्रेस को मंगलवार रुद्रपुर में रद्द करने के आदेश दे दिए। रेलवे को इसके अलावा नई दिल्ली से काठगोदाम जा रही 02040 शताब्दी को मुरादाबाद में कैंसल करना पड़ा। मुरादाबाद में ट्रेन को बीच रास्ते रद्द करने से सैकड़ों रेल यात्री परेशान हुए।

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी से बात की और मूसलाधार बारिश से प्रभावित राज्य की स्थिति के संबंध में जानकारी हासिल की। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मोदी को राज्य की मौजूदा स्थिति के संबंध में जानकारी दी और बताया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। प्रधानमंत्री ने भी धामी को स्थिति से निपटने के लिए हर आवश्यक मदद का आश्वासन दिया। राज्य के अधिकारियों ने चारधाम तीर्थयात्रा के श्रद्धालुओं को मौसम में सुधार होने तक हिमालयी क्षेत्र स्थित मंदिरों की ओर न जाने की सलाह दी है।

यूं स्पॉट करें अपनी ट्रेन?: सबसे पहले आपको रेलवे की वेबसाइट enquiry.indianrail.gov.in/mntes/ पर जाना होगा। होम पेज पर यहां आपको “स्पॉट योर ट्रेन” के विकल्प के तहत आपसे कुछ जानकारियां मांगी जाएंगी। इसमें ट्रेन नंबर और यात्रा जिस जगह से होनी होगी, वहां का नाम और यात्रा की तारीख आदि देनी होगी। यह सारी जानकारी देने के बाद बाद ‘फाइंड’ पर क्लिक करना होगा। जैसे ही यह काम करेंगे आपके सामने स्टेटस आ जाएगा। अगर ट्रेन जानी होगी, तब वह ऑन टाइम दिखाएगी, जबकि अगर रद्द या डिले हुई तो उसकी भी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध रहेगी।

रेलवे बोर्ड ने आईआरएसडीसी को बंद कियाः रेलवे बोर्ड ने देशभर के स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए गठित भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम (आईआरएसडीसी) को बंद करने का आदेश जारी किया है। रेल मंत्रालय के तहत यह दूसरा संगठन है, जिसे बंद करने का आदेश जारी किया गया है। इससे पहले सात सितंबर, 2021 को भारतीय रेलवे वैकल्पिक ईंधन संगठन (आईआरओएएफ) को बंद किया गया था। यह कदम वित्त मंत्रालय की सिफारिश लागू करने की दिशा में उठाया गया है। वित्त मंत्रालय ने एक रिपोर्ट में सिफारिश की थी कि सरकार निकायों को बंद करके या विभिन्न मंत्रालयों के तहत कई संगठनों का विलय करके उन्हें युक्तिसंगत बनाए।



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Apple October 2021 Event में MacBook Pro, AirPods 3 और HomePod Mini लॉन्च, जानें- फीचर्स, खासियत व दाम

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Apple October 2021 Event में MacBook Pro, AirPods 3 और HomePod Mini लॉन्च, जानें- फीचर्स, खासियत व दाम



ऐप्पल का लोकप्रिय होम मिनी अब नारंगी, पीले और नीले रंग में मिलेगा। पहले यह केवल सफेद और गहरे भूरे रंग के विकल्पों में उपलब्ध था।

ऐप्पल ने सोमवार (18 अक्टूबर, 2021) को अपने कई नई प्रोडक्ट्स का ऐलान किया। इनमें खास तौर पर नए मैकबुक प्रो (MacBook Pro) लैपटॉप्स हैं, जो बीफियर एम 1 प्रो (M1 Pro) और एम 1 मैक्स प्रोसेसर (M1 Max Processors) व अपडेटेड डिजाइन के साथ आए हैं। इस इवेंट (सोमवार को हुए) से अमेरिकी टेक कंपनी को अपने हाई-एन्ड, प्रोफेश्नल ग्रेड के कंप्यूटरों को इंटेल प्रोसेसर के बजाय अपने खुद के प्रोसेसर चलाने की क्षमता दिखाने में मदद मिलेगी। बीते साल से ऐप्पल अपने मैक के अंदर इंटेल प्रोसेसर को अपने प्रोसेसर के साथ बदल रहा है। टेक दिग्गज ने थर्ड जेनेरेशन के एयरपॉड्स (AirPods) का भी खुलासा किया, जिनमें एयरपॉड्स प्रो-स्टाइल रीडिज़ाइन है। पर इनमें एक्टिव नॉइस कैंसलेशन (ANC) नहीं है।

नया M1 Pro और M1 Max चिप्सः ऐप्पल ने नए मैकबुक प्रो के लिए अपने नए एम1 प्रो और एम1 मैक्स प्रोसेसर का अनावरण किया। नई एम1 प्रो चिप, जैसा कि ऐप्पल बताता है, इसके मेमोरी इंटरफेस के लिए चौड़ाई दोगुनी है, 200 GB/s मेमोरी बैंडविड्थ और एम1 चिप के प्रदर्शन का तीन गुना है। 5एनएम आर्किटेक्चर पर निर्मित, एम1 प्रो 32 जीबी तक मेमोरी को सपोर्ट करता है, जो एम1 चिप से दोगुना है। इसमें 10-कोर सीपीयू है, जो आठ परफॉर्मेंस कोर और दो हाई एफिशियंसी वाले कोर से बना है, जो इसे एम1 की तुलना में 70 प्रतिशत तेज बनाता है। इस बीच, एम1 मैक्स में 57 बिलियन ट्रांजिस्टर, 64GB रैम और एक 32-कोर ग्राफिक्स प्रोसेसर है। ऐप्पल का कहना है कि नई चिप पीक परफॉर्मेंस वाले पीसी लैपटॉप से ​​सात गुना तेज है।

नए MacBook Pro Laptops: यूएस कंपनी ने अपने एम1 प्रो और एम1 मैक्स चिप्स द्वारा संचालित नए मैकबुक प्रो लैपटॉप की घोषणा की। यह दो साइज में आता है, जो 14 और 16 इंच हैं। नए मॉडल में प्रो-मोशन 120 हर्ट्ज लिक्विड रेटिना एक्सडीआर डिस्प्ले है, जिसमें नई मिनी एलईडी तकनीक, एक एचडीएमआई पोर्ट और एक एसडी कार्ड स्लॉट है। यह एक मैगसेफ चुंबकीय कनेक्टर, एक 3.5 मिमी हेडफोन जैक और थंडरबोल्ट 4 यूएसबी-सी पोर्ट का इस्तेमाल करता है। टच बार चला गया है, जिसकी जगह फंक्शन की दी गई हैं। नीचे, आपको एक नया फोर्स टच ट्रैकपैड मिलेगा। पहली बार ऐप्पल अपने कैमरों के लिए स्क्रीन के टॉप पर एक कटआउट ला रहा है। वेब कैमरा की बात करें तो, नए मैकबुक प्रोस में 1080p फेसटाइम कैमरा है, जिसमें 2x लो लाइट परफॉर्मेंस के लिए बड़ा इमेज सेंसर है। उनके पास छह स्पीकर भी हैं, जिनमें दो नए ट्वीटर्स शामिल हैं जो दो गुना बड़े हैं। नया 14 इंच वाला मैकबुक प्रो 194,900 रुपए से शुरू होता है, जबकि 16 इंच का मैकबुक 239,900 रुपए है। ये सिल्वर और स्पेस ग्रे दोनों रंग विकल्पों में उपलब्ध हैं और 19 अक्टूबर, 2021 से प्री-आर्डर किए जा सकते हैं। ये अगले हफ्ते रिलीज के लिए तैयार होंगे। ऐप्पल ने यह भी घोषणा की कि उसके मैकोज सॉफ़्टवेयर का अगला संस्करण, मैकोज़ मोंटेरे, सोमवार, 25 अक्टूबर से अपडेट के रूप में शुरू हो जाएगा।

AirPods 3: जैसा कि पहले अफवाह थी, ऐप्पल ने आखिरकार थर्ड जेनरेशन के एयरपॉड्स की घोषणा की है। नए एयरपॉड्स डिजाइन में हाई-एंड एयरपॉड्स प्रो (AirPods Pro) के करीब हैं, लेकिन रबर इन-ईयर टिप की कमी है। वे स्पैशियल ऑडियो (स्थानिक ऑडियो) का समर्थन करते हैं और ऐप्पल के चुंबकीय चार्जर मैगसेफ (MagSafe) का उपयोग करके चुंबकीय रूप से चार्ज करते हैं। कंपनी का कहना है कि उसके एयरपॉड्स 3 में बीते मॉडल की तुलना में अधिक पावरफुल बेस है। नए एयरपॉड्स में छह घंटे की बैट्री लाइफ है। साथ ही उनमें बेहतर टच कंट्रोल के लिए एक नया फोर्स सेंसर है। इनमें एडेप्टिव ईक्यू भी है, जो पहली बार एयरपॉड्स प्रो में शुरू हुआ था। एयरपॉड्स 3 भी स्वेट और वाटर-रेसिस्टेंट हैं। नए एयरपॉड्स का दाम 18,500 रुपए है और अगले यह अगले हफ्ते तक स्टोर्स में आ जाएगा। इस बीच, ऐप्पल के एंट्री-लेवल एयरपॉड्स की कीमत अब 12,900 रुपए है।

नए रंगों में HomePod Mini: ऐप्पल का लोकप्रिय होम मिनी अब नारंगी, पीले और नीले रंग में मिलेगा। पहले यह केवल सफेद और गहरे भूरे रंग के विकल्पों में उपलब्ध था। नए रंग विकल्प होमपॉड की बिक्री को बढ़ावा देने में मदद करेंगे, जो इस छुट्टियों के मौसम में अमेज़ॅन के इको स्मार्ट स्पीकर के साथ प्रतिस्पर्धा करता है।

Apple Music के लिए 49 रुपए के वॉयस प्लान का ऐलानः अमेरिकी टेक कंपनी ने “वॉयस प्लान” नामक ऐप्पल संगीत के एक नए स्तर की घोषणा की। Spotify के उद्देश्य से इसकी कीमत 49 रुपए प्रति माह है। वॉयस प्लान और ऐप्पल की मौजूदा व्यक्तिगत योजना के बीच मूल अंतर यह है कि उपयोगकर्ता इसे केवल सिरी (Siri) के माध्यम से एक्सेस कर सकते हैं, लेकिन स्थानिक ऑडियो और अन्य प्रीमियम सुविधाओं की कमी है।



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त्वचा और शरीर के लिए कौन सा साबुन है बेहतर? जानिये क्या कहती हैं एक्सपर्ट

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त्वचा और शरीर के लिए कौन सा साबुन है बेहतर? जानिये क्या कहती हैं एक्सपर्ट



साबुन को लेकर तमाम तरह की बातें कही जाती हैं। लोगों का मानना है कि साबुन हमारे शरीर-त्वचा की गंदगी को साफ कर हमें तरोताजा महसूस करवाता है। लेकिन क्या वाकई ऐसा है? सतलीवा की सह-संस्थापक और एक्सपर्ट नम्रता रेड्डी इस सवाल का जवाब ना में देती हैं। वो कहती हैं कि साबुन हमारे शरीर के छिद्रों में जा सकता है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि आप किस तरह का साबुन उपयोग कर रहें है, खासकर जब बाजार में तमाम ब्रांड्स के साबुन मौजूद हैं।

नम्रता रेड्डी ऑर्गेनिक और बाजार में बिकने वाले सामान्य साबुन का जिक्र करते हुए कहती हैं कि दोनों में काफ़ी अंतर है। नैचुरल प्रोडक्ट और रसायन हमारे शरीर पर अलग-अलग तरह का प्रभाव डालते हैं। आइये जानते हैं कि दोनों में से किसका उपयोग करना चाहिए और कौन सा त्वचा-शरीर के लिए बेहतर है।

ऑर्गेनिक और सामान्य साबुन में महत्वपूर्ण अंतर:
– ऑर्गेनिक साबुन अधिक टिकाऊ होता है। इनमें केमिकल्स, कीटनाशकों और उर्वरकों का इस्तेमाल नहीं किया जाता। इससे शरीर पर कोई साइड इफेक्ट नहीं होता।
– ऑर्गेनिक साबुन त्वचा के लिए सुरक्षित है। दरअसल, सामान्य साबुन में सल्फेट होता है, जिससे झाग बनता है। हालांकि त्वचा के लिए झाग जरूरी नहीं है। यह केवल मार्केटिंग तकनीक है
– वास्तव में त्वचा को साफ करने के लिए प्राकृतिक तेलों की जरूरत होती है, गहराई में जाकर त्वचा छिद्रों में छिपे विषाक्त पदार्थों-गंदगी को साफ़ करें। ऑर्गेनिक साबुन इस पैमाने पर खरे उतरते है। ज्यादातर ऑर्गेनिक साबुन में नारियल, जोजोबा और भांग के बीज आदि होते हैं। ये सभी आपकी त्वचा के छिद्रों में घुसने और त्वचा को अंदर से साफ करने की क्षमता रखते हैं।

– ऑर्गेनिक साबुन आपकी त्वचा के लिए फायदेमंद है। ये साबुन कई तरह के प्राकृतिक तेलों से मिलकर बने होते हैं। जिसमें लाइ और हाइड्रोलिसिस होते हैं। यह सब प्राकृतिक अच्छाइयों से भरपूर हैं। इसके कई फायदे हैं जैसे कि इनमें मॉइस्चराइजिंग और गहरी सफाई के गुण होते है। साथ ही, हार्मोन को संतुलित करने में मदद करता हैं, जो मुंहासे और एक्जिमा से निपटने में मददगार है।
 –  ऑर्गेनिक साबुन एक तरीके से छोटे-छोटे उद्योगों को बढ़ावा देता है। ऐसे में यह सबके लिए फायदेमंद है। 

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